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Workshop of 20-22 January 2026
Posted on 20/07/2026
त्रि- दिवसीय छन्द एवं वैदिक मंत्रोच्चारण कार्यशाला
महाविद्यालय में दिनांक 20 से 22 जनवरी, 2026 तक प्लेसमेंट सैल द्वारा त्रि- दिवसीय छन्द एवं वैदिक मंत्रोच्चारण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया । यह कार्यशाला प्लेसमेंट सैल की प्रभारी डॉ. रेणूका ध्यानी तथा कार्यशाला प्रभारी डॉ. राजबीर द्वारा करवायी गयी । इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को छन्दशास्त्र की गूढ़ परंपरा तथा वैदिक मंत्रों के शुद्ध, वैज्ञानिक एवं परंपरागत उच्चारण से अवगत कराना था । कार्यशाला में संसाधक के रुप में डॉ. देवी सिंह, गोस्वामी गणेशदत्त सनातन धर्म महाविद्यालय, सै.-32, चण्डीगढ़ पधारे । उन्होंने छन्दों की संरचना, मात्रा-विन्यास तथा वैदिक स्वरों (उदात्त, अनुदात्त, स्वरित) के महत्व पर विस्तारपूर्वक व्याख्यान दिया । उन्होंने मंत्रोच्चारण की शुद्धता को वैदिक अध्ययन का मूल आधार बताते हुए व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों को अभ्यास भी कराया । महाविद्यालय के माननीय प्राचार्या जी ने उद्घाटन सत्र में अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएँ विद्यार्थियों के शास्त्रीय ज्ञान को सुदृढ़ करने के साथ-साथ संस्कृत एवं वैदिक परंपरा के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं । उन्होंने भविष्य में भी ऐसे अकादमिक एवं संस्कृत संवर्धनात्मक कार्यक्रम आयोजित करने का आश्वासन दिया । कार्यशाला में विशारद, शास्त्री एवं आचार्य के विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता की । कार्यक्रम के सफल आयोजन से विद्यार्थियों में वैदिक अध्ययन एवं शुद्ध उच्चारण के प्रति विशेष रुचि विकसित हुई ।
इस अवसर पर डॉ. रेणूका ध्यानी, डॉ. जितेन्द्र, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. सारिका, डॉ. पुष्पा रानी, डॉ. राजबीर, श्रीमति शकुन्तला, किरण, विनोद, हरदीप, रोहित आदि स्टॉफ सदस्य एवं विद्यार्थी उपस्थित रहें । अंत में धन्यवाद प्रस्ताव के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया ।
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